अमेरिका की धरती से इसरो ने रच डाला ये बड़ा इतिहास! जिसकी विश्वभर में हो रही है जमकर प्रसंशा

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अमेरिका की धरती से इसरो ने रच डाला ये बड़ा इतिहास! जिसकी विश्वभर में हो रही है जमकर प्रसंशा

ISRO made this big history from America’s land! Whose world is getting enormously acclaimed (अमेरिका) : अभी-अभी दक्षिणी ‘अमेरिका’ के ‘फ्रेंच गुयाना’ के ‘एरियाने-5 रॉकेट’ से ‘भारत’ के लिए एक बड़ी खबर आई है. जिसके बाद भारत की दुनियाभर में प्रसंशा की जा रही है. सूत्रों की माने तो बुधवार 5 दिसंबर को ‘भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी’ (इसरो) ने अपने अब तक के सबसे वजनी सैटेलाइट का प्रक्षेपण कर दिया.

अमेरिका की धरती से इसरो ने रच डाला ये बड़ा इतिहास! जिसकी विश्वभर में हो रही है जमकर प्रसंशा
जीसेट-11

जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि बुधवार 5 दिसंबर की रात में भारतीय समयानुसार इसरो ने फ्रेंच गुयाना के एरियानेस्पेस के एरियाने-5 रॉकेट से सबसे अधिक वजन वाले उपग्रह ‘GSAT-11’ को सफलतापूर्वक लॉन्च किया. सैटेलाइट बुधवार की तड़के सुबह 2 से साढ़े तीन बजे के आसपास लॉन्च किया गया.

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इसरो ने इसको लेकर जानकारी देते हुए कहा है कि जीसेट-11 का वजन लगभग 5,854 किलोग्राम है. यह 11 देशभर में ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम मुख्य भूमिका निभाएगा. ध्यान देने वाली बात यह है कि यह इसरो द्वारा बनाया गया सबसे अधिक वजन वाला वाला उपग्रह है.

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जीसेट-11 सैटेलाइट की विशेषताएं और लाभ

1- GSAT-11 सैटलाइट विशेषता यह है कि यह बीम्स को कई बार उपयोग करने में सक्षम है, इससे पूरे देश के भौगोलिक क्षेत्र को कवर किया जा सकेगा. ध्यान देने वाट यह है कि इससे पहले के अभी तक जो सैटलाइट लॉन्च किए गए थे उसमें ब्रॉड सिंगल बीम का इस्तेमाल किया गया था, जो इसकी तरह शक्तिशाली नहीं होते थे कि बहुत बड़े क्षेत्र को कवर कर सकें.

2- इसमें 40 ट्रांसपोर्डर कू-बैंड और का-बैंड फ्रीक्वेंसी में है. जिसकी मदद से हाई बैंडविथ कनेक्टिविटी 14 गिगबाइट/सेकेंड डेटा ट्रांसफर स्पीड संभव होगा.

3- साथ ही इस सैटेलाइट को इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए गेम चेंजर बताया जा रहा है. जब यह सैटेलाइट कार्य करना शुरू करेगा तो देश में इंटरनेट स्पीड में क्रांति आ जाएगी. इसके माध्यम से हर सेकंड 100 गीगाबाइट से ऊपर की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मिलेगी.

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4- इसके अलावा जीसेट-11 में चार उच्च क्षमता वाले थ्रोपुट सैटलाइट लगे हैं, जो अगले साल से देश में हर सेकंड 100 गीगाबाइट से ऊपर की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देंगें. ग्रामीण भारत में इंटरनेट क्रांति के लिहाज से यह सैटलाइट उल्लेखनीय कदम है.