राफेल सौदे को लेकर रक्षामंत्री सीतारमण के इस धमाकेदार बयान से विरोधियों की हुई बोलती बंद

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राफेल सौदे को लेकर रक्षामंत्री सीतारमण के इस धमाकेदार बयान से विरोधियों की हुई बोलती बंद

With the explosive statement of Defense Minister Sitharaman regarding the Rafael deal (नई दिल्ली) : आपको याद दिला दें कि ‘मोदी सरकार’ ने देश की सेना को और भी शक्तिशाली बनाने के लिए फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन से ‘राफेल’ लड़ाकू विमान का सौदा किया है. जिसके बाद से ही विपक्षियों ने मोदी सरकार पर बार-बार निशाना साधा है. इस सौदे को लेकर रक्षामंत्री ‘निर्मला सीतारमण’ ने कहा है कि इस रक्षा सौदे के साझीदारों के नाम तभी सामने लाए जाएंगे जब विमान मिलने शुरू हो जाएंगे.

राफेल सौदे को लेकर रक्षामंत्री सीतारमण के इस धमाकेदार बयान से विरोधियों की हुई बोलती बंद
निर्मला सीतारमण

गुरुवार २५ अक्टूबर को रक्षामंत्री सीतारमण ने कहा है कि राफेल की आपूर्ति में फ्रांस की कंपनी ‘दसॉल्ट एविएशन’ और दो या तीन अन्य कंपनियां भी हिस्सेदारी कर रही हैं. इन सबको अलग-अलग लक्ष्य दिए गए हैं. इसके आगे निर्मला सीतारमण ने कहा है कि इन कंपनियों के नाम तभी सामने लाए जाएंगे जब युद्धक विमान ‘राफेल’ देश को मिलने शुरू हो जाएंगे. जब उनसे सवाल किया कि ‘अनिल अंबानी’ की ‘रिलायंस डिफेंस’ को किस आधार पर दसॉल्ट एविएशन का ऑफसेट साझीदार बनाया गया है.

राफेल सौदे को लेकर रक्षामंत्री सीतारमण के इस धमाकेदार बयान से विरोधियों की हुई बोलती बंद
दसॉल्ट एविएशन

उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि आपूर्ति में शामिल सभी कंपनियों को ऑफसेट पूरा करने का अवसर दिया जाएगा. इसमें दो या तीन जितनी भी कंपनियां शामिल होंगी, उन्हें या तो निवेश का मौका मिलेगा या फिर सेवा की खरीद करनी होगी. फ़िलहाल यह मामला दसॉल्ट एविएशन पर रहेगा कि वह हमारे पास आकर इस विषय में दावा करे. ऑफसेट पार्टनर का ब्योरा उस समय ही दिया जाएगा जब वह बिल के साथ अपनी सेवा के लिए हमारे पास आएंगे. फिर चाहे उन्होंने उपकरण दिए हों या कि कोई सेवा प्रदान की हो.

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राफेल सौदे को लेकर रक्षामंत्री सीतारमण के इस धमाकेदार बयान से विरोधियों की हुई बोलती बंद
राफेल

साथ ही रक्षामंत्री सीतारमण ने कहा कि देश के सुरक्षा प्रतिष्ठानों के कामकाज के तरीके में हालिया बदलाव से ‘रक्षा मंत्रालय’ के अधिकार क्षेत्र में कोई कमी नहीं आई है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार’ (एनएसए) सुरक्षा संबंधी मामलों में अंतर मंत्रिमंडलीय समायोजन में बेहद अहम भूमिका निभाता है.