अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगाकर एक बार फिर से दिया जोरदार झटका! भारत पर पड़ेगा ये प्रभाव

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वाशिंगटन : अभी-अभी ‘ईरान’ को लेकर ‘अमेरिका’ ने एक हैरान कर देने वाला फैसला लिया है, जिससे इसका प्रभाव भारत पर भी पड़ने वाला है. जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि सोमवार (6 अगस्त) को अमेरिका के राष्ट्रपति ‘डोनाल्ड ट्रंप’ ने ईरान पर एक बार फिर से प्रतिबंध लगा दिए. इसके बाद 5 नवंबर को दूसरे चरण के प्रतिबंध लागू होंगे. इन प्रतिबंधों का ‘भारत’ के तेल आयात पर गंभीर असर पड़ने का अंदेशा है.

अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगाकर एक बार फिर से दिया जोरदार झटका! भारत को होगा ये बड़ा नुकसान
डोनाल्ड ट्रंप

सूत्रों की मने तो साल 2015 में ‘परमाणु समझौता’ होने के बाद अमेरिका ने ईरान पर से प्रतिबंध हटा लिए थे लेकिन ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती ‘बराक ओबामा’ के कार्यकाल में हुए समझौते को फिजूल करार देते हुए उसे तोड़ दिया था. जिसके बाद ट्रंप ने प्रतिबंधों को लागू करते हुए यह भी कहा कि वह ईरान के साथ नया परमाणु समझौता करने के लिए तैयार हैं. इसके लिए दोनों देश बात शुरू कर सकते हैं.

अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगाकर एक बार फिर से दिया जोरदार झटका! भारत को होगा ये बड़ा नुकसान
बराक ओबामा

जैसा कि खबर मिली है डोनाल्ड ट्रंप शुरू से ही ओबामा और दुनिया के शक्तिशाली देशों द्वारा ईरान के साथ किए परमाणु समझौते का विरोध कर रहे थे. पिछले मई में ट्रंप ने वह समझौता तोड़ दिया और ईरान पर 7 अगस्त से प्रतिबंध फिर से प्रभावी होने का ऐलान किया. ईरान पर अमेरिका के इन प्रतिबंधों का ‘भारत’ पर काफी प्रभाव पड़ने की आशंका है. भारत और ईरान के बीच पारंपरिक रूप से बेहतर व्यापार संबंध हैं. भारत ईरान से काफी मात्रा में तेल आयात करता है, साथ ही उसकी तेल परियोजना में भी सहयोग दे रहा है. हाल ही में दोनों देशों के इन्हीं नजदीकी संबंधो रिश्तों की वजह से ‘ईरान’ ने ‘भारत’ को ‘चाबहार बंदरगाह’ में साझेदारी का अवसर भी दिया है.

अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगाकर एक बार फिर से दिया जोरदार झटका! भारत को होगा ये बड़ा नुकसान
चाबहार बंदरगाह

इसके आगे डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के ‘ऑटोमोटिव सेक्टर’ और सोना व अन्य बहुमूल्य धातुओं का व्यापार भी इन प्रतिबंधों के दायरे में आएगा. अमेरिका के इन प्रतिबंधो के कारण ईरान का ऊर्जा क्षेत्र मुख्यतौर से पेट्रोलियम से जुड़ा कारोबार पर असर पड़ेगा. ‘सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान’ के विदेशी आर्थिक संगठनों के लेन-देन पर भी रोक लगाई जा चुकी है. इससे ईरान की मुद्रा ‘रियाल’ में और ज्यादा गिरावट आएगी और देश की अर्थव्यवस्था खराब होगी.

इस प्रतिबंधो को तोड़ने वालों को डोनाल्ड ट्रंप ने गंभीर दुष्परिणामों की चेतावनी भी दी है. इसके आगे ट्रंप ने दुनिया के सभी देशों से ‘ईरान’ की नुकसान पहुंचाने वाले कार्यो को रोकने के लिए सहयोग की अपील की है.

अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगाकर एक बार फिर से दिया जोरदार झटका! भारत को होगा ये बड़ा नुकसान
सेंट्रल बैंक ऑफ़ ईरान

परंतु ट्रंप ने प्रतिबंध लगाने के बावजूद कहा है कि यदि ईरान अपनी दुराग्रहपूर्ण गतिविधियां रोके तो अमेरिका उसके साथ नया परमाणु समझौता और सहयोग करने के लिए तैयार है. इसके लिए ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने, ‘बैलेस्टिक मिसाइल’ बनाने और आतंकवाद के समर्थन वाले कार्य रोकने होंगे.