इसरो : 7 महीने में 19 मिशन की करेगा लॉन्चिंग! जिसमें ये महत्वाकांक्षी मिशन भी है शामिल

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ISRO launches 19 missions in 7 months, including Chandrayaan-2

ISRO to launch 19 missions in 7 months, including Chandrayaan-2 (नई दिल्ली) : भारत अंतरिक्ष में जाकर इतिहास रचने वाला है. जिसको लेकर भारत ने तैयारियां कर ली है. सूत्रों की माने तो भारत की महत्वाकांक्षी परियोजना मिशन ‘चंद्रयान-2’ की दो बड़ी असफलताओं के बाद अब ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन’ (इसरो) ने एक बार फिर अंतरिक्ष अभियानों के लिए कमर कस ली है. आपको बता दें कि इसरो 7 महीने में 19 मिशन को लांच करने वाला है, जिसमें चंद्रयान-2 भी शामिल है. 

ISRO launches 19 missions in 7 months, including Chandrayaan-2
चंद्रयान-2

सूत्रों की माने तो इसरो के इस मिशन की शुरुआत इसी महीने शुरू हो जाएगी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसरो के चेयरमैन ‘के. शिवन’ ने कहा है कि हम 19 मिशन संचालित करने जा रहे हैं, जिसमें 10 सैटेलाइट और 9 लांच व्हीकल शामिल हैं. इस मिशन की शुरुआत सितंबर से होगी और मार्च में संपन्न होगी. यह मिशन इसरो के लिए कम समय में अधिक लांचिंग का समय होगा. इस मिशन के तहत हमें हर 30 दिन में 2 लांचिंग करनी पड़ेगी. इससे पहले आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ था. 

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के. शिवन

इसके आगे उन्होंने जानकारी देते हुए कहा है कि 15 सितंबर से ‘पीएसएलवी सी42’ की लांचिंग के साथ ही इस मिशन की शुरुआत हो जाएगी. साथ ही उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से एक वाणिज्यिक लांच होगा. पीएसएलवी सी42 अपने साथ यूके के दो सैटेलाइट ‘नोवासर’ और ‘एस1-4’ को अपने मुख्य पेलोड के रूप में अंतरिक्ष में ले जाएगा।.

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अक्टूबर महीने में इसरो ‘जीएसएलवी’ द्वारा ‘एमके3-डी2’ को लांच किया जायेगा. जीएसएलवी एमके3-डी2 को ‘बाहुबली’ के नाम से भी जाना जाता है. यह 4 टन की भारोत्तोलन क्षमता के साथ ‘इसरो’ के सबसे शक्तिशाली रॉकेट का दूसरा लांच होगा.

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साथ ही अक्टूबर में ही ‘पीएसएलवी सी43’ की भी लांचिंग होगी। दूसरी तरफ नवंबर महीने में जीसैट-7ए और जीसैट-11 को लांच किया जायेगा, जो ‘भारतीय वायुसेना’ के लिए काफी मददगार होगी. इसके बाद दिसंबर में ‘पीएसएलवी सी44’ और ‘जीसैट-31’ को लांच किया जाएगा.

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भारतीय वायुसेना

इसके बाद अगले साल जनवरी में अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना मिशन ‘चंद्रयान-2’ की लॉन्चिंग करेगा. इसका लांच विंडो 3 जनवरी से 16 फरवरी तक रहेगा. इजरायल भी अपने चंद्र मिशन की शुरुआत उसी समय करेगा। हालांकि दोनों देशों के बीच इस बात को लेकर जंग रहेगी कि चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने के मामले में रूस, अमेरिका और चीन के बाद चौथा देश कौन बनेगा। 

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चन्द्रयान-2 रोवर

अगले साल जनवरी महीने में ही इसरो का पीएसएलवी सी45 रॉकेट अपने साथ रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट रीसैट-2बी को ले जाएगा। फिर फरवरी महीने में पीएसएलवी सी46 रॉकेट दो सैटेलाइट कार्टोसैट-3 और नेमो एएम को लांच करेगा। इसी तरह मार्च में भी इसरो रीसैट-2बीआर1, रीसैट-2बी, कार्टोसैट-3 और रीसैट-2बीआर1 सैटेलाइट्स को लांच करेगा।