इसरो ने रच डाला ये बड़ा इतिहास, जिसके बाद अमेरिका समेत कई देशों ने की जमकर प्रसंशा

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इसरों ने रच डाला ये बड़ा इतिहास, जिसके बाद अमेरिका समेत कई देशों ने की जमकर प्रसंशा

ISRO launched this big history, launched 30 satellites of 8 other countries including India (श्रीहरिकोटा) : देश के लिए ‘आंध्र प्रदेश’ के ‘श्रीहरिकोटा’ स्थित ‘सतीश धवन स्पेस सेंटर’ से एक बड़ी खबर आई है. जिसके बाद देशभर में ख़ुशी का माहौल बना हुआ है. सूत्रों की माने तो ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान’ (इसरो) अपने ‘पोलर सैटेलाइट लांच व्हिकल’ (पीएसएलवी) सी43 से पृथ्वी की निगरानी करने वाले भारतीय हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट (एचवाईएसआईएस) और 8 देशों के 31 अन्य सैटेलाइटों को प्रक्षेपित कर दिया गया है.

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पीएसएलवी

ध्यान देने वाली बात यह है कि में से 23 उपग्रह ‘अमेरिका’ के हैं. बुधवार 28 नवंबर की सुबह 5:58 बजे इस प्रक्षेपण की उल्टी गिनती 28 घंटे पहले शुरू हो गई थी.

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इसरो ने सैटेलाइट के लांच होने से पूर्व बताया कि ‘पीएसएलवी-सी43’ इसरो की 45वीं उड़ान भरेगा. सूत्रों की माने तो एचवाईएसआईएस इस मिशन का प्राथमिक सैटेलाइट है. एचवाईएसआईएस उपग्रह का प्राथमिक मकसद पृथ्वी की सतह के साथ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पैक्ट्रम में इंफ्रारेड एवं शॉर्ट वेव इंफ्रारेड इलाकों का अध्ययन करना है. इसके अलावा इसरो ने यह भी बताया कि यह सैटेलाइट सूर्य की कक्षा में 97.957 डिग्री के झुकाव के साथ स्थापित की जाएगी.

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डॉ. के. सिवान

 इसरो के अनुसार, पीएसएलवी 380 किलोग्राम भार वाले ‘हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सेटेलाइट’ (एचवाईएसआईएस) और 30 अन्य उपग्रहों के साथ गुरुवार को सुबह 9.58 बजे अंतरिक्ष के लिए रवाना होगा. 30 अन्य विदेशी उपग्रहों का कुल वजन 261.5 किलोग्राम है.

प्रक्षेपण यान के रवाना होने के पश्चात् महज 112 मिनट में संपूर्ण अभियान पूरा हो जाएगा. आपको बता दें कि रॉकेट का चौथा चरण उड़ान भरने के महज 16 मिनट बाद शुरू हो जाएगा. 17 मिनट से अधिक की उड़ान भरने पर पीएसएलवी रॉकेट हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सेटेलाइट को कक्षा में स्थापित कर देगा जो वहां पांच साल तक रहेगा.

जिसके पश्चात् रॉकेट 642 किलोमीटर की ऊंचाई से नीचे 503 किलोमीटर पर आएगा और उड़ान भरने के करीब 112.79 मिनट के अन्तराल में अंतिम उपग्रह को उसकी कक्षा में पहुंचा देगा. आपको याद दिला दें कि इसरो ने इससे पहले जनवरी में दो घंटे तक उपग्रह प्रक्षेपण अभियान शुरू किया था.

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ध्यान देने वाली बात यह है कि जिन देशों के उपग्रह भेजे गए हैं उनमें 23 सैटेलाइट अमेरिका के जबकि आस्ट्रेलिया, कनाडा, कोलंबिया, फिनलैंड, मलेशिया, नीदरलैंड और स्पेन की एक-एक सैटेलाइट शामिल हैं. सूत्रों की माने तो इस महीने यह इसरो द्वारा किया गया दूसरा लांच है. इससे पहले 14 नवंबर को एजेंसी ने अपना हालिया संचार सैटेलाइट जीसैट-29 लांच किया था.