बड़ी खबर! रामसेतु को लेकर विदेशी वैज्ञानिकों ने कर डाला ऐसा ऐलान कि दुनियाभर में फैली सनसनी

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बड़ी खबर! रामसेतु को लेकर विदेशी वैज्ञानिकों ने कर डाला ऐसा ऐलान कि दुनियाभर में फैली सनसनी
बड़ी खबर! रामसेतु को लेकर विदेशी वैज्ञानिकों ने कर डाला ऐसा ऐलान कि दुनियाभर में फैली सनसनी

12 दिसंबर, 2017 – अभी की सबसे बड़ी खबर रामसेतु को लेकर सामने आ रही है. विदेशी वैज्ञानिकों ने रामसेतु के बारे में ऐसा ऐलान कर डाला है जिससे पूरा देश ख़ुशी से झूम उठा है.

बड़ी खबर! रामसेतु को लेकर विदेशी वैज्ञानिकों ने कर डाला ऐसा ऐलान कि दुनियाभर में फैली सनसनी

आपको बता दें की विदेशी वैज्ञानिकों ने रामसेतु को लेकर ये मान लिया है कि भारत और श्रीलंका के बीच में रामसेतु मौजूद है और इस सेतु का निर्माण पत्थरों से किया गया है. वैज्ञानिकों ने इस सेतु पर बहुत ही गहराई से शोध किया है और इसको अच्छे से जांचा-परखा है.

इसके बाद वैज्ञानिकों ने अंत में स्वीकार कर लिया है कि हिन्दुओं के प्राचीन धार्मिक ग्रंथो में रामसेतु को लेकर जो लिखा है वो बिलकुल सत्य है. पत्थरों से निर्मित रामसेतु के सारे प्रमाण आज भी मौजूद हैं. एक-एक पत्थर फेंककर ये सेतु को बनाया गया था. ये देखिये इसकी पूरी रिपोर्ट..

सिर्फ देश के ही नहीं बल्कि अब विदेशी वैज्ञानिकों ने भी मान लिया है कि जो भी बातें हिन्दुओं के धर्म ग्रन्थ में लिखी हैं, वो सौ प्रतिशत सत्य है. विज्ञान ने भी इस बात को साबित कर दिखाया है कि भारत-श्रीलंका के बीच सेतु पत्थरों से निर्मित है और इसके पक्के सबूत भी हैं. आप ऊपर दी गयी रिपोर्ट में इसको साफ़-साफ़ देख और सुन सकते हैं की किस तरह से विदेशी वैज्ञानिकों ने रामसेतु पर अपने विचार रखे हैं.

आज विदेशी तक स्वीकार कर रहे हैं कि भारत-श्रीलंका के बीच रामसेतु है, हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में जो भी लिखा हुआ है वो सब सत्य है. लेकिन अफ़सोस कि हमारे देश की कांग्रेस पार्टी इस सेतु को तोड़ने के लिए तैयार हो गयी थी. 2004 में जब सोनिया गाँधी की सरकार बनी थी तो उस समय यही सरकार रामसेतु को तबाह कर देना चाहती थी. इसके बाद हिन्दुओं ने इसका जमकर विरोध किया और ये मामला सर्वोच्च न्यायलय में पहुँच गया.

इसके बाद सर्वोच्च न्यायलय में कपिल सिब्बल की मदद से कांग्रेस ने एक लिखित हलफनामा पेश किया था और कांग्रेस द्वारा कोर्ट में कहा गया कि रामसेतु तो है ही नहीं, राम कभी थे ही नहीं, राम काल्पनिक है, इसलिए इस सेतु को तोड़ देने में ही फायदा है.