भारत और रूस के बीच होने वाले रक्षा सौदे को लेकर अमेरिका का बड़ा बयान! कहा- भारत को रूस या अमेरिका में से…

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अमेरिका : जानकारी के अनुसार ‘अमेरिका’ और ‘रूस’ एक-दूसरे को अपना शत्रु मानते हैं. खबर मिली है कि ‘अमेरिका’ अब ‘भारत’ जैसे देशों के लिए अपने उस कानून को लचीला बनाने को लेकर कार्य कर रहा है, जिसके अनुसार जो भी देश रूस से हथियार खरीदेगा उस पर प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था की गई है. रूस के साथ होने वाली ‘एस-400’ की डील को लेकर अमेरिका ऐसा करना चाहता है. 

भारत और रूस के बीच होने वाले रक्षा सौदे को लेकर अमेरिका का बड़ा बयान! कहा- भारत को रूस या अमेरिका में से...
एस-400

दरअसल अमेरिका ने साफ तौर पर कहा है कि ‘नई दिल्ली’ को इसके बदले में ‘मॉस्को’ के साथ अपनी प्रस्तावित 5.5 डॉलर बिलियन की ‘एस-400’ ट्रंफ एयर डिफेंस मिसाइल की डील को आगे नहीं बढ़ाना होगा. अमेरिका के ऐसा कहना का मतलब यह है कि भारत रक्षा सौदों के लिए रूस को छोड़कर अमेरिका को चुने. 

सूत्रों के अनुसार सोमवार (28 मई) को अमेरिका की सशस्त्र सेवा समिति के विलियम ‘मैक थोर्नबेरी’ ने कहा है कि अमेरिका प्रशासन और कांग्रेस के लिए कुछ परेशानियां हैं. खबर मिली है कि रूस से ‘एस-400’ सिस्टम की खरीद से दोनों देशों के बीच आपसी सैन्य सहयोग को बड़ा झटका लग सकता है. इसके आगे उन्होंने कहा है कि हम एक अहम रणनीतिक साझेदार के आधार पर ‘भारत’ का आदर करते हैं.

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मैक थोर्नबेरी

यूएस कांग्रेस के सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इशारा करते हुए कहा है कि रूस के साथ भारत द्वारा ‘एस-400’ के समझौते करने से इसका असर उनके देश के साथ ‘एमक्यू-9 रीपर’ या ‘प्रीडेटर-बी’ के अलावा दूसरे उच्च तकनीक उपकरणों की होने वाली डील पर पड़ सकता है.

सूत्रों के अनुसार खबर मिली है कि अमेरिका का मकसद केवल यह है कि ‘भारत कम्युनिकेशन कम्पैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी अरेंजमेंट’ (सीओएमसीएएसए) और ‘बेसिक एक्सचेंज एंड कॉपरेशन एंग्रीमेंट फॉर जियोस्पाशियल कॉपरेशन’ (बीईसीए) जैसे समझौतों पर आपसी रणनीतिक साझेदारी बनाए रखने के लिए हस्ताक्षर करे ताकि चीन को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके।

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एमक्यू-9 रीपर

सूत्रों ने आगे जानकारी देते हुए कहा है कि ‘भारत’ और ‘रूस’ के बीच 12 बिलियन डॉलर के प्रस्तावित रक्षा सौदे को लेकर चर्चा लगातार जारी है. दोनों ही देश ‘अमेरिका’ के नए कानून ‘काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शन एक्ट’ (सीएएटीएसए) से निपटने के लिए रोडमैप को लेकर भी बातचीत कर रहे हैं.