विवादित फिल्म ‘पद्मावत’ को लेकर आरएसएस का आया एक और धमाकेदार बयान

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23 जनवरी, 2018 : जैसा हम सभी इस बात को जानते हैं कि फिल्म ‘पद्मावत’ को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है. जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ (आरएसएस) ने इस फिल्म को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है. आरएसएस को आशंका है कि फिल्म पद्मावत में इतिहास के ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की गयी है. इस तरह इतिहास के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करना सही नहीं है.

सूत्रों के अनुसार ‘भगवती प्रसाद’ जोकि आरएसएस के उत्तर पश्चिम क्षेत्रिय संघ चालक है, उन्होंने कहा है कि पहले की तरह इतिहास की गरिमा को बनाये रखने के लिए सरकार को भी ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करने वालों को नियंत्रण में रखना बहुत आवश्यक है. ध्यान देने वाली बात यह है कि आरएसएस ने सोमवार (22 जनवरी) को साफ किया था कि संघ भी पद्मावत को रिलीज नहीं चाहता है.

उन्होंने कहा है कि इतिहास को लेकर जनभावना को ध्यान में रखकर किसी भी तरह की बात हो तो वह राष्ट्र हित के अनुसार होनी चाहिए. साथ उन्होंने यह भी कहा है कि अगर कोई भी व्यक्ति आजादी की बात कहकर इतिहास के ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करता है तो इससे लोगों भी भावनाओं को दुःख पहुँचता है. यदि कोई ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करता है तो समाज भी जनतांत्रिक तरीके से उसके खिलाफ आंदोलन कर सकता है.

भगवती प्रसाद

मलिक मोहम्मद जायसी ने ‘पद्मावत’ में शामिल की कल्पनाएं

भगवती प्रसाद ने कहा है कि संघ का हमेशा से यही मानाना रहा है कि हमारे राष्ट्र में ऐतिहासिक संदर्भों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में, इतिहास सम्मत जन भावना के अनुरूप ही अभिव्यक्त करना चाहिए।

संघ चालक भवती प्रसाद ने कहा है कि हमारे राष्ट्र में ऐतिहासिक संदर्भों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में, इतिहास सम्मत जन भावना के अनुसार ही दिखाना चाहिए. आरएसएस सदैव से ऐसा मानता आ रहा है. साथ ही संघ चालक प्रसाद    ने कहा है कि ‘मलिक मोहम्मद जायसी’ ने एक ऐतिहासिक कथानक फिल्म पद्मावत में अपनी कल्पनाओं को जोड़ दिया है. परंतु पात्रों की गरिमा, ऐतिहासिक तथ्य और जनभावनाओं को ध्यान में नहीं रखा गया.

मालिक मोहम्मद जायसी

भगवती प्रसाद ने कहा है कि ‘भारत’ में ऐतिहासिक उपन्यास, कथा, नाट्य, लेखन, मंचन तथा फिल्म निर्माण आदि की हमारे देश में पुरानी परंपरा चली आ रही है. इतिहास के ऐतिहासिक कथानक को मलिक मुहम्मद जायसी ने कलपना का विस्तार बताया है.