IGNCA में हनुमान पर आधारित प्रदर्शनी “हनुमान द डिवाइन सिमन” बनी आकर्षण का केंद्र, बजरंगबली के दिखे सैकड़ों रूप

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नई दिल्ली : हिंदू धर्म में हनुमान को परमेश्वर की भक्ति की सबसे लोकप्रिय अवधारणाओं और भारतीय महाकाव्य रामायण में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों में प्रधान माना जाता है. विचारों के अनुसार भगवान शिवजी के 11वें रुद्रावतार व सबसे बलवान और बुद्धिमान माने जाते हैं. 

IGNCA में हनुमान पर आधारित प्रदर्शनी "हनुमान द डिवाइन सिमन" बनी आकर्षण का केंद्र, बजरंगबली के दिखे सैकड़ों रूप          

रामायण के अनुसार वे जानकी के अत्यधिक प्रिय हैं। इस धरा पर जिन सात मनीषियों को अमरत्व का वरदान प्राप्त है, उनमें बजरंगबली भी हैं. हनुमान जी का अवतार भगवान राम की सहायता के लिये हुआ। हनुमान जी के पराक्रम की असंख्य गाथाएं प्रचलित हैं. इन्होंने जिस तरह से राम के साथ सुग्रीव की मैत्री कराई और फिर वानरों की मदद से राक्षसों का मर्दन किया, वह अत्यन्त प्रसिद्ध है.   

IGNCA में हनुमान पर आधारित प्रदर्शनी "हनुमान द डिवाइन सिमन" बनी आकर्षण का केंद्र, बजरंगबली के दिखे सैकड़ों रूप

भगवान हनुमान हिन्दुओं की आस्था का केंद्र है. जो भी प्रभु हनुमान की शरण में जाता है उसके सब दुख दूर हो जाते है. इसीलिए इन्हें संकट मोचक हनुमान भी कहा जाता है. अगर आप भी भगवान हनुमान में आस्था रखते है तो ये आपके लिए खास और खुशी की खबर है… क्योंकि आप एक साथ भगवान हनुमान के कई रुपों के दर्शन कर सकते है. दरअसल दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में एक विशेष हनुमान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है इस का नाम “हनुमान द डिवाइन सिमन” है.  

IGNCA में हनुमान पर आधारित प्रदर्शनी "हनुमान द डिवाइन सिमन" बनी आकर्षण का केंद्र, बजरंगबली के दिखे सैकड़ों रूप

इस प्रदर्शनी का लोकापर्ण मुख्य अतिथि डॉ0 सत्यपाल सिंह ने किया, साथ ही इस प्रदर्शनी से संबंधित पुस्तिका का विमोचन भी किया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री विजय गोयल, राम बहादुर राय एवं सच्चिदानंद जोशी उपस्थित रहे.  

बता दें कि हनुमान पर आधारित इस तरह की प्रदर्शनी देश में पहली बार आयोजित की गयी है जिसमें स्वर्गीय के.सी. आर्यन की रचनाओं को उनके सुपुत्र बी.एन. आर्यन के सहयोग से प्रदर्शित किया गया है. इस प्रदर्शनी को श्री के.सी. आर्यन के सम्पूर्ण जीवनकाल (1919-2002) की श्रद्धांजलि के रूप में प्रदर्शित किया गया है. जिसमें हनुमान की 300 से अधिक प्राचीन मूर्तियों को अलग-अलग रूपों में और बहुत ही सुन्दर ढंग से दर्शाया गया है.

IGNCA में हनुमान पर आधारित प्रदर्शनी "हनुमान द डिवाइन सिमन" बनी आकर्षण का केंद्र, बजरंगबली के दिखे सैकड़ों रूप

हनुमान भक्त के.सी. आर्यन ने सम्पूर्ण भारत में यात्रायें की और और तीन दशकों के दौरान उन्होंने हनुमान की विभिन्न श्रेणियों को एकत्र किया. आर्यन जी ने हनुमान पर बड़े पैमाने पर शोध किया. यही कारण है कि उनकी 600 से ज्यादा दुर्लभ कलाकृतियाँ मौजूद हैं. के.सी. आर्यन भारतीय लोक और जनजातीय कला के अग्रणी अग्रदूतों में से एक हैं। 70 साल पहले उन्होंने मुख्य रूप से इन कला वस्तुओं को इकट्ठा करना शुरू कर दिया था. बी. एन. आर्यन, श्री के.सी. आर्यन के बेटे हैं और प्रदर्शनी के क्यूरेटर हैं व बिना किसी बाहरी निजी या सरकारी सहायता के इन बहुमूल्य कलाकृतियों की अकेले ही देखभाल कर रहे हैं.

IGNCA में हनुमान पर आधारित प्रदर्शनी "हनुमान द डिवाइन सिमन" बनी आकर्षण का केंद्र, बजरंगबली के दिखे सैकड़ों रूप

यह प्रदर्शनी डॉ सचिदानंद जोशी (सचिव, आईजीएनसीए) द्वारा की गई एक पहल थी और आईजीएनसीए के संरक्षण विभाग ने सभी आवश्यक समर्थन प्रदान किए. आईजीएनसीए के कला दर्शन विभाग ने इन दुर्लभ वस्तुओं के प्रदर्शन के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया.

यह प्रदर्शनी कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है जो कि 31 दिसंबर, 2018 तक इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कला केंद्र में देखी जा सकती है.

–सागर कुमार