इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र : “संजारी : एक भारत-श्रेष्ठ भारत” श्रृंखला का ‘सुर समागम’ के साथ हुआ भव्य समापन

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नई दिल्ली : लोकगीत चाहे कहीं के भी हों वे प्राचीन परंपराओं, रीति-रिवाजों एव धार्मिक तथा सामाजिक जीवन के या यों कहिए कि संस्कृति के द्योतक हैं. ये लोकगीत भले ही अलग-अलग भाषाओँ में हों लेकिन भाव की एकता एवं उसे व्यक्त करने तथा पात्रों का चयन एक जैसा होता है.

इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र : "संजारी : एक भारत-श्रेष्ठ भारत” श्रृंखला का 'सुर समागम' के साथ हुआ भव्य समापन
हिमाचल के कलाकार

इन लोकगीतों को लेकर इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र में “संजारी : एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत देश के सभी राज्यों के कलाकारों ने लोकगीतों की प्रस्तुति दी.

इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र : "संजारी : एक भारत-श्रेष्ठ भारत” श्रृंखला का 'सुर समागम' के साथ हुआ भव्य समापन
त्रिपुरा के कलाकार

आपको बता दें कि इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने नवंबर 2017 में अपने 30 वें स्थापना दिवस के अवसर पर “संजारी: एक भारत-श्रेष्ठ भारत” श्रृंखला की शुरुआत कि थी जिसका उद्देश्य देश के विभिन्न भागों के लुप्त हो रहे लोक संगीत को हर माह दिल्ली में आम श्रोताओं के लिए को उसके असल रूप में प्रस्तुत करवाना था, ताकि ये लोक संगीत अपना वजूद कायम रख सके और नयी पीढ़ी तक अपने असल रूप में पहुँच सके.

इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र : "संजारी : एक भारत-श्रेष्ठ भारत” श्रृंखला का 'सुर समागम' के साथ हुआ भव्य समापन
लक्षद्वीप के कलाकार

संजारी कार्यक्रम के माध्यम से केंद्र का प्रयास रहा कि दिल्ली में बैठे श्रोताओं को कभी देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र तो कभी देश के दक्षिण क्षेत्र के लोक संगीत से रूबरू करवाया जाये. इस श्रृंखला के माध्यम से केंद्र ने उन लोक गीतों कि प्रस्तुतियों का आयोजन किया जिनका देश कि राजधानी में न के बराबर प्रस्तुतियों हुई हों. इस श्रृंखला के माध्यम से केंद्र हर राज्य तक अपनी पहुँच बनाने मे सफल रहा.

इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र : "संजारी : एक भारत-श्रेष्ठ भारत” श्रृंखला का 'सुर समागम' के साथ हुआ भव्य समापन
अंडमान निकोबार के कलाकार

इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) द्वारा हर माह आयोजित होने वाली मासिक लोकगीत की श्रृंखला “संजारी: एक भारत-श्रेष्ठ भारत”का बीते दिनों सुर समागम कार्यक्रम के साथ ही इस श्रृंखला का भी समापन हो गया .इस समापन कार्यक्रम में राजस्थान से मंगनियार गायक ग़ाज़ी खान व हिंदुस्तानी गायन शैली के गायक समर्थ जानवे ने एक साथ मंच पर जुगलबंदी की.

इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र : "संजारी : एक भारत-श्रेष्ठ भारत” श्रृंखला का 'सुर समागम' के साथ हुआ भव्य समापन
राजस्थान के कलाकार

इस श्रृंखला के समापन के अवसर पर केंद्र ने लगातार चार दिनों में 10 राज्यों के लोक गीतों की प्रस्तुति का आयोजन किया था जिसमें चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल, दादर व नागर हवेली, पंजाब, दमन, पुद्दुचेरी, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, लक्ष्यदीप, अंडमान व निकोबार के लोक कलाकारों ने अपने राज्यों के लोक गीतों की प्रस्तुति दी.

देखिये इस कार्यक्रम का विडियो..

–सागर कुमार