23 दिसंबर से शुरू हुआ पौष मास! करें ये उपाय, पूरी होगी मनोकामना…

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Poush Month started on December 23! Do these solutions (26 दिसंबर, 2018) : हिन्दू पंचांग के अनुसार 10वें महीने को ‘पौष मास’ कहा जाता है. इस महीने में ‘हेमंत ऋतु’ का प्रभाव अधिक रहता है. इसके अलावा इस महीने में सूर्य अपने विशेष प्रभाव में रहता है. इस महीने को लेकर मान्यता यह है कि इस महीने में मुख्य रूप से ‘सूर्य’ की उपासना सबसे अधिक फलदायी होती है. साथ ही यह भी कहा जाता है कि इस महीने सूर्य ग्यारह हज़ार रश्मियों के साथ व्यक्ति को उर्जा और स्वास्थ्य प्रदान करता है. अगर इस माह में सूर्य की रोजाना उपासना करने से पूरे साल व्यक्ति का स्वस्थ और संपन्न रहेगा. पंचांग के अनुसार इस बार पौष मास 23 दिसंबर से 21 जनवरी तक रहेगा.

23 दिसंबर को शुरू हुआ पौष मास! करें ये उपाय, पूरी होगी मनोकामना...

पौष मॉस में किस तरह करें सूर्य की उपासना?

सुबह उठकर रोजाना स्नान करने के पश्चात सूर्य को जल अर्पण करें. इसके बाद ताम्बे के बर्तन से जल अर्पित करें. इस जल में ‘रोली’ और लाल फूल भी डालें. जल अर्पित करने के बाद सूर्य के मंत्र ‘ॐ आदित्याय नमः’ का जाप करें. ध्यान रहे कि इस माह नमक का सेवन कम से कम करें.  

पौष मास में खाने-पिने का रखें ध्यान

– अजवाइन, लौंग और अदरक का सेवन फायदेमंद होता है. 

– पौष मास में ठंडे पानी का प्रयोग, स्नान में गड़बड़ी और अत्यधिक खाना खाने से बचें.

– इस महीने में चीनी की बजाय गुड़ का सेवन करना चाहिए.

– खाने-पीने में मेवे और स्निग्ध चीज़ों का इस्तेमाल करें.

– अधिक मात्रा में तेल घी का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए.

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23 दिसंबर को शुरू हुआ पौष मास! करें ये उपाय, पूरी होगी मनोकामना...

पौष मास की सबसे महत्वपूर्ण बात

– पौष मास में लाल और पीले रंग के वस्त्र भाग्य में वृद्धि करते हैं.

– इस महीने में घर में ‘कपूर’ की सुगंध का प्रयोग करें, यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है.

– इस महीने में गर्म वस्त्रों और नवान्न का दान काफी उत्तम होता है.

– इस महीने में मध्य रात्रि की साधना उपासना त्वरित फलदायी होती है.