परमाणु हथियारों को त्यागने का किम जोंग उन ने लिया ऐतिहासिक फैसला, लेकिन अमेरिका से कर डाली ये बड़ी मांग

0
165

सियोल : इस बात में कोई शक नहीं है कि ‘उत्तर कोरिया’ और ‘दक्षिण कोरिया’ आपस में शत्रु हैं और इस शत्रुता को खत्म करने के लिए उत्तर कोरिया के तानाशाह ‘किम जोंग उन’ हाल ही में दक्षिण कोरिया गये थे. यहां पहुंचकर उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ‘मून जे-इन’ से मुलाकात की और इस शत्रुता को खत्म करने के लिए वार्ता की गई. 

परमाणु हथियारों को त्यागने का किम जोंग उन ने लिया ऐतिहासिक फैसला, लेकिन अमेरिका से कर डाली ये बड़ी मांग
किम जोंग उन और मून जे-इन

जानकारी के अनुसार किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया के ऐतिहासिक शिखर वार्ता में अपने समकक्ष से कहा है कि यदि अमेरिका कोरियाई युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करने के लिए वचन देता है तो उत्तर कोरिया पर हमला न करने का वादा करता है तो उनका देश ‘परमाणु हथियारों’ को त्यागने को पूरी तैयार है.

रविवार (29 अप्रैल) को सियोल में अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा है कि शुक्रवार (27 अप्रैल) को ‘मून जे-इन’ और ‘किम जोंग उन’ ने मुलाकात कर बातचीत की. शिखर वार्ता में उन्होंने कोरियाई प्रायद्वीप को पूरी से निरस्तीकरण करने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया था.

परमाणु हथियारों को त्यागने का किम जोंग उन ने लिया ऐतिहासिक फैसला, लेकिन अमेरिका से कर डाली ये बड़ी मांग
परमाणु हथियार

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे -इन के प्रवक्ता ‘यून यंग-चान’ की जानकारी के अनुसार किम जो उन ने कहा है कि ‘एक बार हम बात करना शुरू कर दें तो अमेरिका जान जाएगा कि मैं ऐसा इंसान नहीं हूं कि दक्षिण कोरिया, प्रशांत या अमेरिका पर परमाणु हथियार से हमला करूंगा.’

इसके आगे यून ने किम के हवाले से कहा है कि ‘यदि जल्दी-जल्दी बैठकें करें, अमेरिका के साथ विश्वास बहाली कर पाएं और युद्ध को खत्म करने तथा गैर आक्रामकता संधि का वादा मिले तो हमें अपने परमाणु हथियार रखकर परेशानी में जाने की क्या आवश्यकता है?’

परमाणु हथियारों को त्यागने का किम जोंग उन ने लिया ऐतिहासिक फैसला, लेकिन अमेरिका से कर डाली ये बड़ी मांग
डोनाल्ड ट्रंप

सूत्रों से जानकारी के अनुसार पता चला है कि कोरियाई प्रायद्वीप तकनीकी रूप से जंग की स्थिति में है इसका बड़ा कारण यह है क्योंकि वर्ष 1950-53 के कोरियाई युद्ध को संघर्ष विराम के लिए जरिए रोका दिया गया था. शांति संधि के माध्यम से नहीं.